संधि विग्रह
संधि विग्रह = संधि विच्छेद
परिभाष:- शब्दो का विस्तृत विभाजन ही संधि विच्छेद है
नोट:- शत प्रतिशत में से 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को यही लगता है की सन्धि सीखना बहूत कठिन है,परन्तु ''सन्धि विच्छेद'' से संधि को सीखना बहुत आसान है
संधि विच्छेद :-
नयन + अभिराम = नयनाभिराम
रत्न + अवली = रत्नावली
मध्य + अवधि = मध्यावधि
राष्ट्र + अध्यक्ष= राष्ट्राध्यक्ष
दीप + अवली= दीपावली
परम + अर्थ=परमार्थ
स्व + अभिमान = स्वाभिमान
देह + अन्त=देहान्त
पुण्डरीक + अक्ष/अक्षि = पुण्डरीकाक्ष
शास्त्र + अर्थ = शास्त्रार्थ
रूद्र + अक्षि= रूद्राक्ष
अनुप्रास + अलंकार = अनुप्रासालंकार
दाव + अग्नि = दावाग्नि
वडव + अग्नि = वडवाग्नि
काम + अग्नि = कामाग्नि
जठर + अग्नि = जठराग्नि
सहस्र + अब्दी = सहस्राब्दी
हिम +अंशु = हिमांशु
सूर्य + अस्त = सूर्यास्त
पूर्ण + अंक= पूर्णांक
प्राप्त + अंक =प्राप्तांक
अन्त्य , अक्षरी=अन्त्याक्षरी
दीप + अंजलि =दीपांजलि
आत्म + अवलोकन = आत्मावलोकन
जीव + अश्म = जीवाश्म
पद + अवनत = पदावनत
अभय + अरण्य = अभयारण्य
मूल्य + अंकन = मूल्यांकन
ऊह + अपोह = ऊहापोह ( अपोह = अप + उह )
हीन + अवस्था = हीनावस्था
लोहित + अंग = लोहितांग
शकट + अरि = शकटारि
ब्रह्म + अस्त्र = ब्रह्मास्त्र
नयन + अंबु = नयनांबु
परम + अणु = परमाणु
स्व + अर्थ स्वार्थ
क्रम + अंक = क्रमांक
हिम + अचल = हिमाचल
दण्डक + अरण्य = दण्डकारण्य
गीत + अंजलि = गीताञ्जलि
गीत + अवलि = गीतावलि
वात + अयन = वातायन
जन + अर्दन = जनार्दन
श्वेत + अम्बर = श्वेताम्बर
पीत + अम्बर = पीताम्बर
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